4 महीने में 8 मौतें, गांव में घूम रहा था 'जहर का सौदागर' शराब में जहर घोलकर एक-एक कर उतारता रहा मौत के घाट, आखिर पुलिस ने खोला सीरियल किलर का राज.



बलौदाबाजार. कसडोल थाना क्षेत्र के ग्राम खर्वे में चार महीने के भीतर हुई आठ रहस्यमयी मौतों का सनसनीखेज खुलासा हुआ है। गांव का ही निवासी रामसहाय जायसवाल अपने परिचितों को शराब में जहर मिलाकर मौत की नींद सुलाता रहा और किसी को भनक तक नहीं लगी। हैरत की बात यह है कि आरोपी हर मौत के बाद अस्पताल पहुंचाने से लेकर अंतिम संस्कार तक में शामिल होता रहा। पुलिस की महीनों लंबी जांच के बाद सामने आया कि पुरानी रंजिश, मानसिक कुंठा और प्रतिशोध की भावना ने उसे खूंखार सीरियल किलर बना दिया।


खर्वे हत्याकांड : शराब की महफिल में परोसी जा रही थी मौत.


कसडोल थाना क्षेत्र के ग्राम खर्वे में फरवरी से मई 2026 के बीच हुई आठ संदिग्ध मौतों ने पूरे इलाके को दहला दिया था। ग्रामीणों को लगातार हो रही मौतों पर संदेह हुआ तो उन्होंने पुलिस को शिकायत सौंपकर गांव के ही रामसहाय जायसवाल पर शक जताया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने विशेष जांच शुरू की और सात शवों का उत्खनन कर पोस्टमार्टम तथा फॉरेंसिक परीक्षण कराया।


जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि आरोपी ने चूहे मारने की दवा बताकर सुहागा (जहर) हासिल किया था। तकनीकी साक्ष्यों और ग्रामीणों से पूछताछ के आधार पर जब पुलिस ने रामसहाय से कड़ाई से पूछताछ की तो उसने एक के बाद एक आठ हत्याएं करने की बात कबूल कर ली।


पुलिस के अनुसार आरोपी ने सबसे पहले जहर का परीक्षण एक कुत्ते पर किया। सफलता मिलने के बाद उसने अपने परिचितों को निशाना बनाना शुरू कर दिया। किसी से गाली-गलौज का विवाद था, किसी पर पत्नी पर बुरी नजर रखने का आरोप था, तो किसी से जमीन, कर्ज या चुनावी रंजिश। इन सभी कारणों को लेकर आरोपी ने शराब में जहर मिलाकर लोगों को पिलाया और उनकी मौत होती चली गई।


आरोपी ने 6 फरवरी को बद्री, 20 फरवरी को बुठालु, 12 मार्च को छत्तूराम, 20 मार्च को बुधराम, 31 मार्च को विनोद कुमार, 28 अप्रैल को गजानंद, 29 अप्रैल को चैतूराम और 14 मई को महेतरूराम को मौत के घाट उतार दिया। इसके अलावा कार्तिक नामक व्यक्ति को भी जहर मिली शराब पिलाई गई थी, लेकिन समय पर इलाज मिलने से उसकी जान बच गई।


सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि आरोपी ने खुद को शक के दायरे से बाहर रखने के लिए मृतकों को अस्पताल पहुंचाने, उनके अंतिम संस्कार में शामिल होने और परिजनों को सांत्वना देने तक का नाटक किया। लगातार हो रही मौतों को गांव में सामान्य घटनाओं की तरह दिखाने की कोशिश की जाती रही। पुलिस ने आरोपी रामसहाय जायसवाल (46) निवासी पुराना खर्वे को गिरफ्तार कर लिया है। उसके खिलाफ आठ हत्या और एक हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया गया है। प्रदेश के चर्चित इस हत्याकांड को सुलझाने में पुलिस टीम ने लगातार चार महीने तक तकनीकी और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर जांच कर महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है।



"कातिल भी, हमदर्द भी".


हर हत्या के बाद आरोपी खुद अस्पताल पहुंचता था, मृतकों के कफन-दफन और अंतिम संस्कार में शामिल होता था। इसी वजह से ग्रामीणों को उस पर शक नहीं हुआ और वह लगातार चार महीने तक मौत का खेल खेलता रहा।





You May Also Like

error: Content is protected !!