बीजापुर. एक ओर देश जहां 5G नेटवर्क, मेट्रो और नेशनल हाईवे जैसे आधुनिक विकास की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है, वहीं दूसरी ओर छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले के सुदूर गांवों की तस्वीर अब भी बदहाली की कहानी कहती है. यहां के कई गांव आज भी बिना सड़क और पुल के बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं, जिसके चलते आपात स्थितियों में लोगों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है.

ऐसा ही एक मामला सामने आया है गंगालूर उप तहसील के पुसनार पंचायत अंतर्गत बंटी पारा गांव से, जहां लछु पुनेम नामक ग्रामीण ताड़ के पेड़ से गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गया. गांव तक कोई सड़क नहीं है और रास्ते में नदी बहती है, जिस पर आज तक पुल नहीं बन पाया. ऐसे में ग्रामीणों ने खटिया के सहारे घायल युवक को करीब 3 किलोमीटर तक पैदल उठाकर सड़क तक पहुंचाया, ताकि समय रहते इलाज मिल सके.
ग्रामीणों ने 108 एम्बुलेंस सेवा को फोन किया था, लेकिन सड़क और पुल नहीं होने के कारण एम्बुलेंस नदी पार नहीं कर सकी. इसके बाद बीजापुर अस्पताल से ईएमटी रविन्द्र कुमार जल्ली और पायलट राजेश कोरसा मौके पर पहुंचे और पैदल यात्रा कर मरीज को सड़क तक लाए, जहां से 108 एम्बुलेंस के जरिए उसे बीजापुर जिला अस्पताल पहुंचाया गया और भर्ती कराया गया.
बारिश के दिनों में यह समस्या और भी गंभीर हो जाती है, क्योंकि नदी का जलस्तर बढ़ने से कोई भी वाहन गांव तक नहीं पहुंच पाता. ग्रामीणों ने मांग की है कि यदि नदी पर एक छोटा पुल बना दिया जाए, तो इस इलाके में भी पक्की सड़क बन सकेगी और ऐसी घटनाओं को रोका जा सकेगा.
मरीज के साथ आये परिजनों ने media से बात करते हुए कहा गांव/घर तक रो व नदी पर पुल का निर्माण के लिए हम लोगों ने गांव के सरपंच के माध्यम से वोट मांगने आये नेताओं से मिलकर आवेदन दिया था. और कुछ माह पहले हमने बीजापुर कलेक्टर ऑफिस जाकर कलेक्टर को पुल निर्माण व सड़क बनाने हेतु आवेदन दिया था.परन्तु आज तक उस गांव मे किसी भी प्रकार की रोड व पुलिया नही बना.जिससे बरसात के दिनों में बहुत दिक्कतों का सामना करना पड़ता है.

