कोयलीबेड़ा स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थ इकलौते डॉक्टर की लापरवाही से एक मासूम बच्चे की जान चली गई

कांकेर. छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले के कोयलीबेड़ा स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थ इकलौते डॉक्टर की लापरवाही से एक मासूम बच्चे की जान चली गई. सोमवार की शाम अस्पताल में एक बच्चे को पेट दर्द की शिकायत लेकर परिजन पहुंचे तो इसी डॉक्टर ने बिना देखे रेफर करने कह दिया, जहां रास्ते में 10 वर्षीय मंयक पटेल पिता टिकेश पटेल की मौत हो गई. जब परिजन बच्चे को लेकर अस्पताल पहुंचे तब डॉ. शीतल दुग्गा अस्पताल से गायब था और शाम को वह कोयलीबेड़ा में सड़क पर शराब के नशे में धुत पड़ा मिला. इसका वीडियो ग्रामीणों ने बनाया है, जो सोशल मीडिया में वायरल हो रहा. वीडियो सामने आने के बाद डॉक्टर को निलंबित कर दिया गया है.

बता दें कि कोयलीबेड़ा के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में 6 डॉक्टर पदस्थ हैं. वर्तमान में सिर्फ एक डॉक्टर के भरोसे अस्पताल संचालित किया जा रहा. स्टाफ कम होने के बावजूद अस्पताल में पदस्थ डॉक्टर शीतल दुग्गा शराब के नशे में धुत रहता है. बच्चे की मौत के बाद परिजनों का आरोप है कि डॉक्टर ने मरीज को देखे बिना ही रेफर कर दिया. प्राथमिक उपचार मिलता तो बालक की जान बच सकती थी. इस घटना के कुछ देर बाद जब डॉक्टर को तलाश किया गया तो वह सड़क पर नशे में धुत मिला, जिसका ग्रामीणों ने वीडियो बनाया है, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा. इस वीडियो में बातचीत कर रहे लोगों से डॉक्टर अभद्रता कर गाली-गलौज कर रहा है.

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