CM साय के संकेतों को एसएसपी रजनेश सिंह ने भांपा, देर रात जारी किया तबादला आदेश.

• महिला टीआई कमला पुसाम को मिला पचपेड़ी थाने का चार्ज.


• दो मासूम बच्चियों के रेप केस में लापरवाही बरतने वाले टीआई बैस और महिला एसआई संतोषी अग्रवाल लाइन अटैच.



बिलासपुर. रविवार को प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के कुछ घंटे के बिलासपुर दौरे के बाद जिले के पुलिस विभाग का तापमान उपर नीचे हो गया। सीएम के इशारो के भांपते ही एसएसपी रजनेश सिंह ने देर रात प्रहार पुलिसिंग में लापरवाही बरतने वाले एक टीआई, महिला सब इंस्पेक्टर को साइड लाइन किया तो वही एक महिला टीआई को देहात के थाने का चार्ज दिया। देर रात को जारी हुए आदेश के बाद चर्चा हो रही है कि सीएम तक जिले के कुछ थानों में एसआई को प्रभार दिए जाने की बात आदिवासी समाज द्वारा कि गई थी जिसके बाद एसएसपी ने विभागीय अमले में बदलाव किया है।


सीएम साय के दौरे के बाद ऐसी चर्चा हो रही है कि जिले के कुछ थानों का चार्ज उप निरीक्षकों के जिम्मे पर है। इस अपुष्ट चर्चा में आदिवासी समाज की नाराजगी को बताया जा रहा है। आदिवासी समाज नाराजगी को देखते हुए सीएम साय ने ऐसा संकेत दिया कि एसएसपी ने उसे भांपते हुए देर रात तबादला आदेश जारी कर दिया। बताया जा रहा है कि एसएसपी से अपनी ओर से सीएम को क्लियर किया कि मेरे मातहत बेहतर काम कर रहे हैं फिर भी न चाहते हुए भी सीएम के इशारों को समझते हुए देहात थाने में महिला टीआई कमला पुसाम को चार्ज देकर तत्कालीन थाना प्रभारी एसआई राज सिंग को सिरगिट्टी थाने की रवानगी दी गई है।


प्रहार पुलिसिंग को दागदार करने वाले टीआई, एसआई लाइन अटैच.


इधर एक्शन मोड में आए एसएसपी रजनेश सिंह ने प्रहार पुलिसिंग को दागदार करने वाले टीआई अभय सिंह बैस और महिला एसआई संतोषी अग्रवाल को लाइन अटैच कर दिया है। देर रात जारी आदेश के अनुसार दो मासूम बच्चियों से रेप केस की जांच में लापरवाही बतरने पर एसएसपी ने कड़ा रुख अपनाते हुए लेते हुए सिरगिट्‌टी थाना प्रभारी अभय सिंह बैस और विवेचना अधिकारी संतोषी अग्रवाल को लाइन अटैच कर दिया है। वहीं, जिला विशेष शाखा में पदस्थ निरीक्षक वायपी सिंह को सिरगिट्‌टी थाने की जिम्मेदारी दी गई है। जबकि, पचपेड़ी थाने का प्रभार निरीक्षक कमला पुसाम को दिया गया है।


मालूम हो कि सिरगिट्टी थाना क्षेत्र में 17 साल के एक नाबालिग ने चॉकलेट देने के बहाने 7 साल की दो बच्चियों से रेप किया। आरोपी ने उनके साथ मारपीट भी की। जब परिजनों ने उसे पकड़ने की कोशिश की, तो वह भाग निकला। इस मामले में पीड़ित बच्चियों की मां ने पुलिसकर्मियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए आईजी रामगोपाल गर्ग से शिकायत की थी। घटनास्थल तक नहीं पहुंचे थाना प्रभारी मामले की प्रारंभिक जांच में पाया गया कि थाना प्रभारी निरीक्षक अभय सिंह बैस ने घटनास्थल का निरीक्षण नहीं किया और महत्वपूर्ण साक्ष्यों के संकलन में अपेक्षित गंभीरता नहीं दिखाई। वहीं, बीएनएसएस की धारा 176(3) के तहत सात वर्ष या उससे अधिक दंडनीय अपराधों में अनिवार्य रूप से बुलाए जाने वाली ‘सीन ऑफ क्राइम यूनिट’ को भी मौके पर नहीं बुलाया गया। इसे जांच प्रक्रिया में गंभीर चूक माना गया है। इस मामले की जांच का जिम्मा एडिशनल एसपी रश्मित कौर चावला की सौंपा गया था। जिसके बाद जो तथ्य सामने आए उसे एसएसपी रजनेश सिंह ने गंभीरता से लिया और महिला और बच्चियों के केस में लापरवाही बरतने पर उन्होंने टीआई अभय सिंह बैस को लाइन अटैच कर दिया।





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