एआई समिट में नया विवाद: गलगोटिया यूनिवर्सिटी चाइनीज रोबोट के साथ पहुंची, सरकार ने किया बाहर; राहुल गांधी ने भी साधा निशाना

Galgotias University Chinese Robot Controversy: दिल्ली के भारत मंडपम में चल रहा इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट (India AI Impact Summit) में विवादों का सिलसिला जारी है। पहले समिट में अव्यवस्था और चोरी को लेकर सरकार का माफी मंगनी तक पड़ गई। अब गलगोटिया यूनिवर्सिटी ने देश की साख पर एक और बट्टा लगा दिया है। एआई समिट के दूसरे दिन रोबोडोग शोकेस किया गया। इसमें गलगोटिया यूनिवर्सिटी ने चाइनीज रोबोटिक डॉग (Chinese robotic dog) को अपना बताकर पेश किया। विवाद बढने के बाद सरकार ने गलगोटिया यूनिवर्सिटी को समिट से बाहर कर दिया है।


दरअसल गलगोटिया यूनिवर्सिटी की ओर से यह सफाई तब आई जब सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में दावा किया गया कि यूनिवर्सिटी ने यूनिट्री Go2 जो एक AI-पावर्ड चीनी रोबोडॉग जिसे करीब 2-3 लाख रुपये में ऑनलाइन बेचा जा रहा है- को समिट में ओरियन नाम से शोकेस किया। ये रोबोडोग चीनी कंपनी Unitree का बताया जा रहा है।

वीडियो वायरल होने के बाद अब Galgotias University को Summit के Expo एरिया से तुरंत हटाने को कहा गया है। सरकारी सूत्रों के मुताबिक, यह कदम वायरल वीडियो और उसके बाद उठे विवाद के बाद लिया गया है। खबर है कि गलगोटिया यूनिवर्सिटी के स्टॉल पर से सारे इक्विपमेंट हटा लिए गए हैं। वहीं गलगोटिया यूनिवर्सिटी की डॉक्टर ऐश्वर्या श्रीवास्तव का कहना है कि हमें समिट से जाने के लिए अभी तक कुछ नहीं कहा गया है।

आईटी मंत्रालय के अधिकारियों के मुताबिक गलगोटिया यूनिवर्सिटी को इंडिया AI इम्पैक्ट समिट में लगाए गए काउंटर को खाली करने का निर्देश जारी कर दिया गया है। अब उन्हें एआई समिट छोड़कर जाना होगा। मंत्रालय की ओर से एक्शन लिए जाने के बाद यूनिवर्सिटी के स्टॉल से सारे इक्विपमेंट हटा लिए गए हैं। साथ ही उसकी ओर से जिस इनोवेशन का दावा किया जा रहा था, उस इनोवेशन डिवाइस को भी हटा लिया गया है।


सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद मचा बवाल

देसी AI रोबोट को लेकर सोशल मीडिया पर दावा किया गया कि यह रोबोट असल में चीन की कंपनी का बना हुआ मॉडल है। china pulse ने सोशल मीडिया पर रोबोट की तस्वीरें और वीडियो शेयर कर दावा किया कि यह वही मॉडल है, जो पहले चीन की एक रोबोटिक्स कंपनी द्वारा प्रदर्शित किया जा चुका है। अब सामने आया है कि ये दरअसल चीनी कंपनी Unitree Robotics का मॉडल है, जिसे विदेश से खरीदा गया था न कि भारत में बनाया गया है।


यूनिवर्सिटी की सफाई

यूनिवर्सिटी का कहना है कि उन्होंने इसे डेवलप करने का दावा कभी नहीं किया, बल्कि यह छात्रों के सीखने के लिए लाया गया एक टूल है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो में यूनिवर्सिटी की प्रतिनिधि मीडिया से बातचीत के दौरान रोबोटिक डॉग के फीचर्स समझा रही हैं। वीडियो में इसे ओरियन नाम दिया गया और कहा गया कि इसे यूनिवर्सिटी के ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ ने तैयार किया है।


विवाद पर राहुल गांधी का तंज

इस विवाद पर निशाना साधते हुए लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कहा कि भारत की प्रतिभा और डेटा का लाभ उठाने की जगह, AI समिट एक अव्यवस्थित PR तमाशा है, भारतीय डेटा को बेचा जा रहा है और चीनी उत्पाद प्रदर्शित किए जा रहे हैं। पूरे विवाद पर प्रोफेसर नेहा सिंह ने कहा, “सोशल मीडिया में कैसे चीजें फैलती हैं, आपको ही पता है. कई सारी चीजें वायरल हो गई हैं लेकिन मैं उसे पर टिप्पणी नहीं करना चाहती हूं। अपने और इंस्टीट्यूशन के आधार पर बोलना चाहती हूं कि हम एक जिम्मेदार यूनिवर्सिटी हैं। हम क्वालिटी ऑफ एजुकेशन के लिए वैल्यूज की बात करते हैं। हमने यह कहीं भी क्लेम नहीं किया कि यह चीज हमने मैन्युफैक्चर की है।





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