रायपुर. सत्ता पाने की अंधी होड़ में कांग्रेस पार्टी ने आज देश की मर्यादा और सुरक्षा की सभी सीमाएं लांघ दी हैं। अंतरराष्ट्रीय साजिशों का हिस्सा बनकर कांग्रेस पार्टी येन-केन-प्रकारेण सत्ता हथियाने के लिए भारतवर्ष की संप्रभुता, लोकतांत्रिक व्यवस्था और स्थिरता को दांव पर लगाने में जुट गई है। लोकतांत्रिक तरीके से चुनी हुई सरकार के खिलाफ बगावत भड़काकर और देश को तहस-नहस करके सत्ता प्राप्त करना ही अब इनका एकमात्र मकसद रह गया है।
कांग्रेस पार्टी ने आज अपनी ओछी राजनीति में सारी हदें पार करते हुए देश के मुख्य न्यायाधीश (CJI) और पूरी न्यायपालिका का सीधा अपमान किया है। अब तक तो ये राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल, चुनाव आयोग और अपने राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों पर बेबुनियाद आरोप लगाकर देश के सुरक्षा तंत्र और संस्थाओं को कमजोर कर रहे थे, लेकिन आज केरल कांग्रेस के माध्यम से CJI पर की गई टिप्पणी ने यह साबित कर दिया है कि इनकी नजर में देश का संविधान और न्यायपालिका कोई मायने नहीं रखती।
कांग्रेस का यह रवैया उनकी पुरानी सामंती और राजशाही मानसिकता का जीवंत नमूना है। आज भी वे खुद को देश का मालिक और न्यायपालिका व संवैधानिक संस्थाओं को अपनी जागीर या अपने राजतंत्र का हिस्सा समझते हैं। उन्हें यह बर्दाश्त नहीं होता कि स्वतंत्र संस्थाएं कानून और संविधान के दायरे में निष्पक्ष रूप से काम करें; वे चाहते हैं कि पूरा देश और न्यायपालिका उनके इशारे पर काम करे।
हम कांग्रेस पार्टी की इस राष्ट्रविरोधी सोच, न्यायपालिका उनके इशारे पर काम करे।
