बिलासपुर. प्रदेश की सुशासन सरकार में आबकारी विभाग में भ्रष्टाचार और कथित अवैध वसूली का मामला सामने आया है। इसमें सब से चौंकाने वाली बात है कि सारा खेल राज्य के दूसरे बड़े जिले में हो रहा है और विभाग के बड़े अफसरों और उनके इंतजाम अली भर भर मोटी रकम कमा रहे हैं जिसमें नौकरी के लिए भटक रहे बेरोजगार युवा पीस रहे हैं। आरोप है कि शराब भट्ठियों में नौकरी लगाने के नाम पर उगाही का जो खेल हो रहा है उसमें जिला आबकारी अधिकारी उनके अधिनस्थ मुख्य रूप से शामिल हैं।
जिला आबकारी विभाग की पूरी टीम का नाम.
नौकरी के रेलमपेल में मोटी रकम का खेल करने के आरोप में जिला आबकारी अधिकारी नवनीत तिवारी, छबीलाल पटेल (एडीओ), धर्मेश शुक्ला (एसआई) का नाम भी कटघरे में आया है। पीड़ित की माने तो डीओ तिवारी की शह पर सारा खेल हो रहा है। जिन कर्मचारियों को भट्ठी से बाहर जाने का रास्ता दिखाया जाता हैं उन्हें होल्ड में रख नई भर्ती की जाती है और इसी की आड़ में दो लाख या उससे उपर की मोटी रकम की उगाही की जाती है।
आगे और बताएंगे, जिला आबकारी विभाग के अफसरों और उनके इंतजाम अली आलियों का सारा कारनामा.

जिले की शराब दुकानों में एक बार फिर भ्रष्टाचार और कथित अवैध वसूली का मामला सामने आया है। शराब दुकान के कुछ कर्मचारियों ने कंपनी कैपस्टन सॉल्यूशन लिमिटेड के जिला प्रतिनिधि विनेक सागर और फील्ड अफसर जितेशकांत कौशिक पर जबरन पैसे वसूलने, नौकरी से निकालने और दूरस्थ क्षेत्रों में ट्रांसफर की धमकी देने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। कर्मचारियों का दावा है कि, उनके पास इस संबंध में वीडियो व ऑडियो सबूत भी मौजूद हैं।

आरोप: जितेशकांत लेता है मोटी रकम.
नाम नही छापने की शर्त पर कई पीड़ित स्टॉफ ने आरोप लगाया है कि उनसे हर महीने कथित रूप से नियमित अवैध वसूली की जाती है। आरोप है कि मैनेजरों द्वारा साफ तौर पर कहा जाता है कि यदि दुकान में ड्यूटी करनी है तो पैसे देने होंगे। एक कर्मचारी से उसके बेटे को नौकरी में लगाने के लिए ऑनलाइन माध्यम से पैसे लेने का मामला भी सामने आया है, लेकिन पैसे लेने के बाद भी नौकरी न देने उल्टा पैसे मांगने पर पिता को नौकरी से हटाकर खुद के भाई को सुपरवाइजर बनाने की बात कर्मचारी न बताई है..
https://youtu.be/FSMOJeLm5VI?si=1UPKsLrS2R4fzEL2
आरोप: विनेक सागर की भूमिका.
नाम न छापने की शर्त पर कई कर्मचारियों ने बताया कि पैसे देने से इंकार करने पर नौकरी से हटाने या दूर-दराज़ स्थानों पर ट्रांसफर की धमकी दी जाती है, इससे कर्मचारियों में भय और मानसिक दबाव का माहौल बना हुआ है। कर्मचारियों का कहना है कि अवैध वसूली के खिलाफ आवाज उठाने वालों को मानसिक रूप से प्रताड़ित किए जाने की चेतावनी दी जाती है, इतना ही नहीं किसी न किसी बहाने से उन्हें दुकान से निकाल दिया जाता है। इतना ही नहीं शिकायत करने के बाद कर्मचारियों को जिला कंट्रोल रूम में बुलाकर दबाव बनाया जाता है ताकि की गई शिकायत को वापस ले लिया जाएं और ऐसा नहीं करने पर कार्रवाई में फंसाकर जेल भेजने की धमकी दी जाती है..

(विनेक सागर)
पहले भी हुई शिकायत.
प्लेसमेंट कंपनी को जब से बिलासपुर जिले में शराब दुकानों पर कार्यरत कर्मचारियों की भर्ती की जिम्मेदारी मिली है तब से ही कंपनी के जिला प्रतिनिधियो के खिलाफ अवैध उगाही के मामले सामने आ रहे है इसी तरह कुछ माह पूर्व भी इस तरह का मामला सामने आया था, जिसमें कैपस्टन कंपनी के जिला प्रतिनिधि विनेक सागर के खिलाफ गंभीर शिकायत जिला आबकारी आयुक्त और आबकारी मंत्री लखनलाल देवांगन से की गई थी, लेकिन इसके बावजूद भी प्लेसमेंट कंपनी के जिला प्रतिनिधि विनेक सागर के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई थी इसके अलावा कई कर्मचारियों को जबरन आरोप मढ़ कर बाहर निकलने और मानसिक दबाव बनाने के मामले भी सामने आते रहे है लेकिन कोई ठोस कार्यवाही नहीं होने की वजह से कैपस्टन कंपनी के जिला प्रतिनिधि विनेक सागर के हौसले बुलंद होते चले गए और उसका अधीनस्थ कर्मचारी जितेशकांत गुर्गा बनकर कर्मचारियों पर दबाव बना रहा है.. ऐसे में सवाल उठता है लगातार शिकायतों के बावजूद भी प्लेसमेंट कंपनी के कर्मचारियों पर किसका संरक्षण प्राप्त है और किसके दम पर दुकान में कार्यरत कर्मचारियों से अवैध उगाही का धंधा फल फूल रहा है।जिला आबकारी अधिकारी तिवारी से नहीं हुआ संपर्क.
इस सारे मसले को लेकर उगाही के गंभीर आरोपों से घिरते नजर आ रहे जिला आबकारी अधिकारी नवनीत तिवारी से उनका पक्ष जानने फोन किया गया, लेकिन श्री तिवारी ने अपना मोबाइल रिसीव करना मुनासिब नहीं समझा,बताया जाता है कि आबकारी विभाग के काले कारनामों को उजागर करने वालों से नवनीत तिवारी खफा हो जाते है और मिलना तो दूर की बात फोन की तरफ भी नहीं देखते।



