मैं गा तो नहीं सकता, पर बुलडोजर…’ छत्तीसगढ़ी कलाकार से CM योगी की दिलचस्प बातचीत, बात सुनकर ठहाकों से गूंजा माहौल

लखनऊ. स्वतंत्रता दिवस के मंच पर देश की विविध लोक संस्कृतियों के रंग बिखेरने वाले कलाकारों से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को अपने सरकारी आवास पर मुलाकात की. आठ राज्यों से आए कलाकारों के साथ मुख्यमंत्री का संवाद कई भावुक और दिलचस्प पलों का गवाह बना. किसी ने अयोध्या जाने की इच्छा जताई तो किसी ने लखनऊ की खूबसूरती की तारीफ की. एक कलाकार ने जब मुख्यमंत्री को छत्तीसगढ़ में मशहूर ‘बुलडोजर बाबा’ नाम से संबोधित किया तो योगी मुस्कुराए और उनके जवाब ने माहौल को हल्का-फुल्का बना दिया.

छत्तीसगढ़ के कलाकार कुलभूषण चंद्राकर ने बातचीत के दौरान कहा कि वहां मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को ‘बुलडोजर बाबा’ के नाम से जाना जाता है. इस पर योगी ने मुस्कुराते हुए कहा, “बुलडोजर पसंद है ना आपको? आप गा सकते हैं, मैं गा नहीं सकता, लेकिन गलत लोगों पर बुलडोजर तो चलवा ही सकता हूं.” मुख्यमंत्री के इस अंदाज पर कलाकारों के चेहरे खिल उठे.

 

 

15 साल बाद अयोध्या जाने की इच्छा

कुलभूषण ने बताया कि करीब 15 साल पहले उन्हें अयोध्या जाने का अवसर मिला था और अब वह नई अयोध्या देखना चाहते हैं. मुख्यमंत्री ने कहा कि तब की अयोध्या और आज की अयोध्या में जमीन-आसमान का अंतर है. उन्होंने कलाकारों को अयोध्या जाने और वहां हुए बदलावों को देखने के लिए प्रोत्साहित किया. जम्मू-कश्मीर से पहली बार उत्तर प्रदेश आईं कलाकार श्रुति ने भी श्रीराम मंदिर के दर्शन की इच्छा जताई. मुख्यमंत्री ने उनकी बात को गंभीरता से लेते हुए अधिकारियों को अयोध्या भ्रमण की व्यवस्था करने के निर्देश दिए.

 

एक दिन अतिरिक्त निकालिए, भारत को जानिए

मुख्यमंत्री ने कलाकारों से कहा कि जब भी वे किसी दूसरे राज्य में जाएं तो कम से कम एक दिन अतिरिक्त रुककर वहां की संस्कृति, खान-पान और ऐतिहासिक स्थलों को जरूर देखें. उन्होंने कहा कि भारत की वास्तविक खूबसूरती उसकी विविधता में है और कलाकार इस विविधता को एक-दूसरे तक पहुंचाने वाले सबसे मजबूत माध्यम हैं. योगी ने कहा कि “कलाकार केवल गायन, वादन, नृत्य और नाटक करने वाले लोग नहीं हैं, वे परंपरा और लोक संस्कृति के वाहक हैं.” उनके अनुसार कलाकारों की प्रस्तुतियों में अतीत की स्मृतियां होती हैं और वही अतीत आने वाली पीढ़ियों को भविष्य के लिए प्रेरणा देता है.

‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ के लिए एकता जरूरी

मुख्यमंत्री ने कहा कि जम्मू-कश्मीर से कन्याकुमारी और अरुणाचल प्रदेश से द्वारिका-पुरी तक भारत के अलग-अलग हिस्सों को सांस्कृतिक रूप से जोड़ना ही ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ की भावना है. उन्होंने कहा कि श्रेष्ठ भारत के निर्माण के लिए एकता के साथ सुरक्षा भी जरूरी है. अरुणाचल प्रदेश की नीलम से बातचीत के दौरान उन्होंने लखनऊ के अनुभव पूछे और अयोध्या के साथ भगवान बुद्ध से जुड़े उत्तर प्रदेश के स्थलों को देखने की सलाह दी. बिहार के सुबोध को अयोध्या जाने की सलाह देते हुए उन्होंने मां जानकी से जुड़े सांस्कृतिक संबंधों का भी उल्लेख किया.


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