बड़ा बवाल: छत्तीसगढ़–असम पुलिस आमने-सामने,राजधानी के टीआई समेत पुलिस टीम को आरोपियों की तरह थाने में बिठाया एफआईआर भी दर्ज.

• गुवाहाटी में हिरासत, ढाई लाख जब्त, डिजिटल अरेस्ट केस ने खड़ा किया बड़ा बवाल.


रायपुर, गुवाहाटी. डिजिटल अरेस्ट के मामले में आरोपी पकड़ने बीजेपी शासित राज्य असम गई राजधानी पुलिस की घेराबंदी कर थाने में बिठा एफआईआर दर्ज करने की एक बड़ी खबर सामने आ रही है। इस चौंकाने वाले घटनाक्रम में छत्तीसगढ़ और असम पुलिस आमने-सामने आ गई हैं। जिसके बाद मचे बवाल से इस पूरे मामले ने पुलिस की कार्यप्रणाली और समन्वय पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।


मिली जानकारी के अनुसार, छत्तीसगढ़ पुलिस राजधानी में तैनात टीआई रविंद्र यादव, एक एएसआई, हवलदार और सिपाही समेत पांच की टीम डिजिटल अरेस्ट से जुड़े एक आरोपी की गिरफ्तारी के लिए असम गई थी। बीते सोमवार कार्रवाई के दौरान एक आरोपी को हिरासत में लिया गया, लेकिन आरोप है कि दो अन्य आरोपियों को कथित रूप से पैसे लेकर छोड़ दिया गया।


इस घटनाक्रम में सबसे बड़ा मोड़ तब आया जब जिन आरोपियों को छोड़ा गया, उन्होंने ही गुवाहाटी के दिसपुर थाने में एफआईआर दर्ज करवा दी। शिकायत के आधार पर गुवाहाटी पुलिस ने तत्काल एक्शन लेते हुए छत्तीसगढ़ पुलिस की टीम को हिरासत में ले लिया और घण्टों थाने में आरोपियों की तरह बिठाए रखा।


कार्रवाई के दौरान गुवाहाटी पुलिस ने एक कार से करीब ढाई लाख रुपए नकद भी जब्त किए हैं, जिससे मामला और अधिक गंभीर हो गया है। इस जब्ती ने पूरे घटनाक्रम को संदिग्ध बना दिया है और अब जांच का दायरा भी बढ़ने की संभावना है।


इधर, इस पूरे घटनाक्रम पर छत्तीसगढ़ पुलिस का बयान भी स्पष्ट नहीं हो पाया है, जिससे स्थिति और उलझ गई है। सूत्रों की माने तो टीम केवल डिजिटल अरेस्ट मामले में आरोपी को पकड़ने गई थी, लेकिन घटनास्थल पर क्या हुआ, इसे लेकर अलग-अलग बाते सामने आ रही हैं।


फिलहाल, दोनों राज्यों की पुलिस के बीच इस टकराव ने कानून व्यवस्था, पारदर्शिता और इंटर-स्टेट ऑपरेशन की प्रक्रिया पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। मामले की जांच जारी है और आने वाले दिनों में कई अहम खुलासे होने की संभावना है।



ना किसी संपर्क,ना कोई बात, सीधा एफआईआर दर्ज.


सूत्रों से मिल रही जानकारी के अनुसार टीआई रविंद्र यादव समेत पांच पुलिस कर्मियों को दिसपुर थाने की पुलिस ने पहले हिरासत में लिया और थाने में सोमवार के घंटों थाने में बिठाए रखा हद तो तब हो गई जब छत्तीसगढ़ पुलिस के द्वारा अपना परिचय बताने के बाद भी गोवहाटी पुलिस ने कोई सहयोग नहीं किया उल्टा अवैध रूप से पैसे की आरोपियों से डिमांड करने का आरोप लगा कर सभी का मोबाइल फोन जप्त कर लिया। जैसे तैसे कर टीआई यादव और उनकी टीम ने छत्तीसगढ़ पुलिस से संपर्क किया जिसके बाद दिशपुर थाने पुलिस में उन्हें छोड़ा और बुधवार को पुनः थाने आने ताकीद किया है।


आरोप: छत्तीसगढ़ पुलिस से नहीं मिला सहयोग.


इस घटना के बाद छत्तीसगढ़ पुलिस विभाग की अफसरशाही पर बहुत गम्भीर और गंदा आरोप लग रहा है। सूत्रों की माने तो असम में बीजेपी की सरकार होने के बावजूद भी छत्तीसगढ़ को मिला बेहतर तरीके से सहयोग नहीं मिला जिसकी चर्चा राज्य के पुलिस विभाग में जोरो पर है।







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