दुर्ग सेंट्रल जेल में प्रदेश की पहली खुली जेल शुरू, देखिए शासन की अधिसूचना.

• डीजी जेल हिमांशु गुप्ता ने किया ओपन करेक्शनल इंस्टीट्यूशन का शुभारंभ.


• 30 बंदियों को दिन में जेल से बाहर काम करने की मिलेगी अनुमति.


दुर्ग. छत्तीसगढ़ की जेल व्यवस्था में सुधार और बंदियों के पुनर्वास की दिशा में एक नई पहल की शुरुआत हुई है। केंद्रीय जेल दुर्ग में प्रदेश की पहली ओपन करेक्शनल इंस्टीट्यूशन (ओसीआई) यानी खुली जेल का शुभारंभ मंगलवार को डीजी जेल हिमांशु गुप्ता ने किया। इस व्यवस्था के तहत चयनित बंदी दिन के समय जेल से बाहर जाकर विभिन्न कार्य कर सकेंगे और शाम को जेल में वापस लौटेंगे।


केंद्रीय जेल दुर्ग में उपलब्ध अधोसंरचना का उपयोग करते हुए शुरू की गई इस खुली जेल में फिलहाल 30 बंदियों को रखा जाएगा। निर्धारित प्रक्रिया के तहत चयनित बंदी सुबह जेल से बाहर निकलकर विभिन्न कार्यों में शामिल होंगे। दिनभर कार्य करने के बाद उन्हें शाम को लॉकअप की निर्धारित प्रक्रिया से पहले वापस जेल लौटना होगा।

जेल विभाग के मुताबिक, ओपन जेल की यह व्यवस्था बंदियों को नियंत्रित वातावरण में समाज से जुड़ने, काम करने और जिम्मेदारी निभाने का अवसर देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। इसका उद्देश्य बंदियों के भीतर अनुशासन, आत्मनिर्भरता और समाज की मुख्यधारा में पुनर्वास की भावना को बढ़ावा देना है।



खुली जेल की शुरुआत से एक दिन पहले 21 सितंबर 2026 को छत्तीसगढ़ शासन ने इस संबंध में अधिसूचना जारी की थी। इसके बाद 22 सितंबर को केंद्रीय जेल दुर्ग में ओसीआई का औपचारिक शुभारंभ किया गया।

शुभारंभ के अवसर पर जेल अधीक्षक मनीष संभाकर सहित जेल विभाग के अधिकारी-कर्मचारी और बंदी मौजूद रहे। जेल विभाग इसे छत्तीसगढ़ में सुधारात्मक कारागार व्यवस्था की दिशा में एक नई और विशिष्ट पहल के रूप में देख रहा है।


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