एसीबी की दो बड़ी रेड: 20 हजार की दूसरी किश्त लेते धरा गया ASI”… चंद्रपुर थाना का दारोगा एसीबी के जाल में फंसा.

• मारपीट केस में ‘कड़ी कार्रवाई’ से बचाने मांग रहा था 40 हजार रिश्वत, गुड्डू ढाबा में रंगे हाथ गिरफ्तारी.


• आगे पढ़िए, एसीबी की दूसरी बड़ी कार्रवाई, रिश्वत लेते एडीएम का बाबू को किया ट्रैप.


सक्ती/बिलासपुर। भ्रष्टाचार के खिलाफ एसीबी बिलासपुर ने शनिवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए सक्ती जिले के चंद्रपुर थाना में पदस्थ सहायक उप निरीक्षक (ASI) एस.एन. मिश्रा को 20 हजार रुपए रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। आरोपी पुलिस अफसर ने मारपीट के मामले में कड़ी कार्रवाई से बचाने के नाम पर प्रार्थी से 40 हजार रुपए की मांग की थी।


जानकारी के मुताबिक, ग्राम बालपुर निवासी शिव प्रसाद बरेठ ने एसीबी कार्यालय बिलासपुर में शिकायत दर्ज कराई थी कि उसके एवं परिवार के खिलाफ ग्राम की एक महिला द्वारा मारपीट की रिपोर्ट थाना चंद्रपुर में दर्ज कराई गई थी। मामले में कार्रवाई हल्की करने और गिरफ्तारी से बचाने के एवज में ASI एस.एन. मिश्रा लगातार रिश्वत की मांग कर रहा था।


शिकायत में बताया गया कि आरोपी पहले ही 20 हजार रुपए ले चुका था और शेष 20 हजार रुपए के लिए दबाव बना रहा था। शिकायत के सत्यापन में आरोप सही पाए जाने के बाद एसीबी ने ट्रैप प्लान तैयार किया।

शनिवार 10 मई 2026 को आरोपी ने प्रार्थी को चंद्रपुर स्थित गुड्डू ढाबा बुलाया। जैसे ही ASI ने दूसरी किश्त के रूप में 20 हजार रुपए हाथ में लिए, पहले से घात लगाए एसीबी की टीम ने उसे रंगे हाथ दबोच लिया। मौके से रिश्वत की रकम भी बरामद कर ली गई।


सूत्रों के मुताबिक आरोपी ASI के खिलाफ लंबे समय से रिश्वतखोरी की शिकायतें मिल रही थीं। एसीबी ने आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 7 के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।

एसीबी अधिकारियों ने कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और किसी भी विभाग के अधिकारी-कर्मचारी द्वारा रिश्वत मांगने पर तत्काल सूचना देने की अपील की गई है।


“जुर्माना कम कराने का सौदा”… ADM ऑफिस का बाबू 15 हजार रिश्वत लेते गिरफ्तार.


• 1 लाख जुर्माने का डर दिखाकर होटल संचालक से मांगे थे 20 हजार, एसीबी ने दफ्तर में ही दबोचा.


बिलासपुर। एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) बिलासपुर ने जिला मुख्यालय में बड़ी कार्रवाई करते हुए अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी (ADM) कार्यालय में पदस्थ सहायक ग्रेड-3 विजय पांडेय को 15 हजार रुपए रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोपी बाबू खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत चल रहे मामले में जुर्माना राशि कम कराने के बदले रिश्वत मांग रहा था।



मिली जानकारी के अनुसार, करगी रोड कोटा निवासी देवेंद्र कश्यप ने एसीबी से शिकायत की थी कि वह कोटा में होटल संचालित करता है। अगस्त 2025 में फूड सेफ्टी विभाग की जांच के दौरान उसके होटल में खुली अवस्था में पेड़ा पाए जाने पर खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई थी। मामला अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी एवं न्याय निर्णयन अधिकारी बिलासपुर की अदालत में लंबित था।


आरोप है कि ADM कार्यालय में पदस्थ बाबू विजय पांडेय ने होटल संचालक को डराया कि उस पर एक लाख रुपए तक का जुर्माना लग सकता है। बाद में उसने “सेटिंग” कर जुर्माना 30 हजार तक कराने का भरोसा देते हुए 20 हजार रुपए रिश्वत की मांग की।

शिकायतकर्ता रिश्वत नहीं देना चाहता था, इसलिए उसने एसीबी से संपर्क किया। सत्यापन के दौरान आरोपी बाबू पहले ही 5 हजार रुपए ले चुका था, जबकि बाकी 15 हजार रुपए लेना बाकी था।


एसीबी ने योजना बनाकर शनिवार को कार्रवाई की। आरोपी ने प्रार्थी को ADM कार्यालय बुलाया और जैसे ही उसने 15 हजार रुपए रिश्वत के तौर पर लिए, एसीबी टीम ने उसे कार्यालय में ही रंगे हाथ पकड़ लिया। रिश्वत की रकम भी बरामद कर ली गई।

सूत्रों के अनुसार आरोपी बाबू के खिलाफ भी लगातार रिश्वतखोरी की शिकायतें मिल रही थीं। एसीबी ने आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 7 के तहत अपराध दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है।लगातार हो रही ट्रैप कार्रवाई के बीच एसीबी ने साफ संकेत दिए हैं कि रिश्वतखोरी करने वाले अधिकारी-कर्मचारी अब रडार पर हैं और शिकायत मिलते ही सख्त कार्रवाई की जाएगी।





You May Also Like

error: Content is protected !!