• जुम्मा - जुम्मा हुआ थाने का चार्ज लिए और फिर टीआई चौहान पर लगा गंभीर आरोप.
• आरोप: 80 हजार लेकर नाबालिग आरोपी को थाने से चलता किया,
• एक्शन: एसएसपी ने प्रधान आरक्षक और आरक्षक सस्पेंड किया, कोटा थाना प्रभारी से जवाब तलब.
• जुम्मा - जुम्मा हुआ थाने का चार्ज लिए और फिर टीआई चौहान पर लग गया गंभीर आरोप.
बिलासपुर. प्रहार पुलिसिंग को लेकर सख्त और स्वच्छ छवि को लेकर राज्य में गिने जाने वाले एसएसपी रजनेश सिंह (डीआईजी) के जिले के कोटा थाना प्रभारी और मातहतो पर नशे के खिलाफ चलाए जा रही मुहिम में आपदा को अवसर बना वसूली का गंभीर आरोप लगा है।इस मामले के भनक की गंध फैलते ही एसएसपी ने क्विक एक्शन लेते हुए कोटा थाना के प्रधान आरक्षक और आरक्षक को निपटा दिया तो वहीं थाना प्रभारी से जवाब तलब किया है।
कोटा थाना पुलिस से वसूली की गंध आ रही है। मिली जानकारी के अनुसार वरिष्ठ पुलिस कप्तान के निर्देश पर जिले में नशे के खिलाफ लगातार जारी कार्रवाई के बीच शनिवार को कोटा थाना प्रभारी नरेश चौहान को सूचना मिली थी कि ग्राम रानीसागर निवासी एक बंजारे परिवार का मुखिया अवैध नशे का कारोबार करता है। जिसके बाद टीआई समेत तीन स्टॉफ मौके पर पहुंचे तो घर का मुखिया नहीं मिला। जिसके एवज में पुलिस वालों ने उसके 13 साल के नाबालिग लड़के को पकड़ कर थाने ले आए। दोपहर से लेकर शाम तक पुलिस ने नाबालिग को थाने में बैठाए रखा, कोटा पुलिस पर आरोप लग रहे हैं कि शाम तक इस बीच जब नाबालिक का पिता नहीं मिला तो एक बिचौलिए माध्यम से नाबालिग को छोड़ने लेनदेन की बात शुरू हुई। थाना प्रभारी नरेश चौहान पर पुलिस पर गंभीर आरोप लग रहे हैं कि प्रधान आरक्षक प्रकाश दुबे और आरक्षक सोमेश्वर के माध्यम से दो लाख से बोली शुरू हुई और अंत में 80 हजार रुपए पर डील पक्की हो हुई और देर शाम नाबालिग को थाने से चलता कर दिया गया ।
आरोप: जिले में चल रहा वसूली का खेल.
सूत्रों से मिल रही जानकारी के अनुसार जहां एक तरफ पुलिसिंग को लेकर सख्त और स्वच्छ छवि को लेकर राज्य में गिने जाने वाले एसएसपी रजनेश सिंह (डीआईजी) के निर्देश पर नशे के खिलाफ लगातार अभियान चला कर जिले में नशे के साम्राज्य को खत्म करने की मुहिम में जुटे हुए है वही दूसरी तरफ नशे के खिलाफ मुहिम की आड़ में कुछ खाकीधारी नशे के सौदागरों से वसूली कर रहे है। आरोप के बीच उनमें से एक नाम कोटा थाना का भी जुड़ रहा है। इधर रविवार को भी पुलिस ने नशे के सौदागरों के खिलाफ अलग अलग करीब 12 प्रकरण बनाए, जिसमे शहर के कोनी थाना द्वारा भी गांजा के साथ एक महिला पर कार्रवाई करने की चर्चा है मगर अब तक पुलिस ने इसकी कोई जानकारी नहीं दी गई है। इस बारे में जब कोनी थाना इंचार्ज भावेश शेंडे ने फोन पर जानकारी मांगी गई तो उन्होंने कार्रवाई नाम सुनते ही फोन कट कर दिया वही शहर के एडिशनल एसपी पंकज कुमार पटेल ने कहा कि कुछ देर में प्रेस नोट के माध्यम से डिटेल दिया जाएगा।
कोटा नगर में मुख्य चौक पर हुई डीलिंग.
सूत्रों की माने तो इस पूरे मामले की सेटिंग कोटा थाना से चंद कदम दूर जय स्तंभ चौक पर स्थित एक फुट वेयर शॉप में होना बताया जा रहा है। आरोप है कि टीआई चौहान और प्रधान आरक्षक प्रकाश दुबे व आरक्षक सोमेश्वर ने ग्राम रानीसागर निवासी बंजारे परिवार के मुखिया के फरार होने के एवज में उसके 13 साल के नाबालिग लड़के को लाकर थाने में बिठाए जाने के कुछ देर बाद ही फुट वेयर शॉप में बैठ सेटिंग का खेल शुरू किया जो सब कुछ टीआई के इशारों पर हो रहा था। भले ही टीआई इस मामले से खुद को पाक साफ बता रहे हैं लेकिन सूत्र कहते है कि फरार बंजारे के नाबालिग लड़के को छोड़ने दो लाख रुपए से डील शुरू हुई और 80 हजार रुपए में बात बनाते ही वसूली की रकम जैसे ही पुलिस कर्मियों के हाथ आई नाबालिग को थाने से चलता कर दिया गया वही इस मामले में मोहनभाटा निवासी पेशेवर जुआरी और बिचौलिया किसी खांडे का नाम भी सामने आ रहा है इस घटना की बू फैलते ही फुट वेयर शॉप का संचालक भी फरार बताया जा रहा है।
इन पर चला कार्रवाई का डंडा.
कोटा थाना पर लग रहे आरोप की बात करे तो 500 ग्राम गांजा के साथ पकड़े गए एक नाबालिग आरोपी को कथित रूप से 80 हजार रुपये लेकर छोड़ने के आरोप में एसएसपी सिंह ने हवलदार प्रकाश दुबे और आरक्षक सोमेश्वर को निलंबित कर दिया गया है वही कोटा थाना प्रभारी नरेश चौहान से जवाब तलब किया गया है।
विवादों से टीआई चौहान का नाता.
गौरतलब है कि वर्तमान कोटा थाना प्रभारी नरेश चौहान पर रतनपुर थाना के प्रभारी रहने के दौरान भी कोयला , शराब के अवैध कारोबारियों से मिली भगत के गंभीर आरोप लगे थे। इतनी शिकायतों के बाद कुछ दिन लाइन अटैच रख फिर से टीआई चौहान को कोटा थाना का चार्ज मिलने पर विभाग में अलग अलग तरह की चर्चाएं चल रही है इधर अब 80 हजार रुपए लेकर नाबालिग को थाने से छोड़े जाने के मामले में प्रहार पुलिसिंग की साख पर बट्टा लगने का आरोप है।
चर्चा: टीआई को अभयदान क्यों और मातहतों पर कार्रवाई ?
आरोप है कि इस पूरे मामले में जैसे तैसे कर टीआई चौहान ने खुद को बचा लिया और सारा ठीकरा प्रधान आरक्षक प्रकाश दुबे और आरक्षक सोमेश्वर पर मढ़ दोनों को बलि का बकरा बना दिया। जिले के पुलिस विभाग में एक बार फिर चर्चा छिड़ गई है कि आखिर छोटे कर्मचारियों पर ही कार्रवाई का डंडा क्यों चलता है जबकि बिना थाना प्रभारी के इशारे के बिना कुछ भी करना संभव नहीं।
टीआई चौहान ने कहा.
कोटा पुलिस पर लग रहे गंभीर आरोप को लेकर टीआई नरेश चौहान से 'OMG NEWS' ने फोन पर संपर्क किया तो उन्होंने कहा है नशे के खिलाफ अभियान के बीच सूचना के आधार पर पुलिस कर्मी आरोपी को पकड़ने गांव गए थे लेकिन वह नहीं मिला तो दबाव बनाने उसके नाबालिग बेटे को थाने ले आए। जिस बात पर मैने स्टॉफ को खूब डांटा भी था। आपको बिना बताए इतना कुछ कैसे हो गया के सवाल पर टीआई चौहान ने बस इतना ही कहा जानकारी लगते ही मैने स्टॉफ को डांटा था।



