'OMG': आखिर क्यों हटाए गए टीआई आर्य? मजिस्ट्रेट विवाद की तपिश या प्रशासनिक नाराजगी? सरकंडा टीआई प्रदीप आर्य को लाइन भेजा.

मुख्य वजह जो चर्चा में है..


• प्रहार पुलिसिंग का बड़ा एक्शन! सरकंडा टीआई प्रदीप आर्य लाइन अटैच, मजिस्ट्रेट विवाद की आंच तक पहुंची कार्रवाई?.


डीआईजी-एसएसपी रजनेश सिंह का अचानक फरमान, प्रशासनिक कारणों का हवाला देकर थाने से हटाए गए आर्य; पुलिस महकमे में फैसले को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म.


बिलासपुर. जिले में प्रहार पुलिसिंग के बीच पुलिस महकमे में एक बार फिर बड़ा प्रशासनिक फेरबदल सामने आया है। सरकंडा थाने की कमान संभाल रहे टीआई प्रदीप आर्य को अचानक लाइन अटैच कर दिया गया है। उनकी जगह टीआई नरेश चौहान को सरकंडा थाने का चार्ज दिया गया है। डीआईजी एवं एसएसपी रजनेश सिंह के इस आदेश के बाद पुलिस महकमे में हलचल मच गई है। जारी फरमान में आर्य को प्रशासनिक कारणों से थाने से हटाकर पुलिस लाइन भेजने का उल्लेख किया गया है।


लेकिन इस कार्रवाई के पीछे की वजह को लेकर महकमे में कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। सूत्रों के बीच इसे हाल ही में सामने आए मजिस्ट्रेट से जुड़े विवाद से जोड़कर भी देखा जा रहा है। हालांकि, इस संबंध में आधिकारिक तौर पर कोई कारण स्पष्ट नहीं किया गया है।


अचानक कार्रवाई से महकमे में हलचल.


सरकंडा जैसे महत्वपूर्ण थाने में पदस्थ टीआई को अचानक लाइन अटैच किए जाने से कई सवाल खड़े हो रहे हैं। आखिर ऐसा क्या हुआ कि थानेदार को तत्काल प्रभाव से थाने से हटाने की नौबत आ गई? आदेश में भले ही प्रशासनिक कारणों का हवाला दिया गया हो, लेकिन कार्रवाई के समय और परिस्थितियों ने चर्चाओं को और

हवा दे दी है।



प्रहार पुलिसिंग में सख्ती का संदेश.


डीआईजी-एसएसपी रजनेश सिंह की इस कार्रवाई को पुलिस महकमे में अनुशासन और जवाबदेही के नजरिए से भी देखा जा रहा है। फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि प्रदीप आर्य की लाइन अटैच के पीछे वास्तविक वजह क्या है और क्या मजिस्ट्रेट विवाद का इससे कोई संबंध है? आधिकारिक स्थिति स्पष्ट होने के बाद ही तस्वीर पूरी तरह साफ हो सकेगी।


प्रहार पुलिसिंग की हो रही थू थू.


एक झटके में टीआई आर्य को लाइन अटैच करने की कार्रवाई के बाद जिले की खाकी में प्रहार पुलिसिंग की थू थू हो रही है। चर्चाओं का बाजार बहुत गर्म है कहा जा रहा है कि ऐसे में पुलिस क्या खाक काम करेगी वहीं इस मसले को लेकर जिले के बड़े पुलिस अफसर साइलेंट है।


इनकी भी सुनिए,क्या खूब है सीएसपी यादव.


टीआई आर्य को लाइन अटैच करने की कार्रवाई की पुष्टि करने जब 'OMG NEWS NETWORK' ने सीएसपी तिलवेश्वर प्रसाद यादव से फोन में चर्चा की तो पहले तो उन्होंने जानकारी नहीं होने का हवाला दिया फिर कहा कि ऐसा कोई आदेश मेरे पास तक तो नहीं पहुंचा है। जबकि टीआई आर्य को हटाए जाने को लेकर ऊपर से लेकर नीचे तक सब को पता है और यह भी कहा जा रहा है कि ऊपर से आए मैसेज के बाद टीआई आर्य को लाइन अटैच किया गया है।


एक नजर पूरे घटनाक्रम पर.


जन्मदिन में पटाखे फोड़ने पर टोकाटाकी, जज और परिवार को घेरकर पीटा, प्रॉपर्टी डीलर व साथियों पर एफआईआर




00 पहले जज की शिकायत पर केस, सीसीटीवी के बाद दूसरे पक्ष पर भी कार्रवाई




00 सरकंडा थाना क्षेत्र के राजकिशोर नगर की घटना, पुलिस ने दर्ज किया अपराध




सरकंडा थाना क्षेत्र के राजकिशोर नगर में जन्मदिन मनाने के दौरान देर रात पटाखे फोड़ने और तेज आवाज में नगाड़े बजाने को लेकर शुरू हुआ विवाद मारपीट तक पहुंच गया। मामले में महासमुंद के कुटुंब न्यायालय में पदस्थ न्यायाधीश प्रफुल सोनवानी और उनके परिवार की शिकायत पर पहले प्रापर्टी डीलर अभय बरुआ और उसके साथियों पर एफआईआर दर्ज की गई। इसके बाद दूसरे पक्ष ने भी सरकंडा थाने में शिकायत की और सीसीटीवी फुटेज सौंपा। इसके बाद पुलिस ने दूसरे पक्ष की शिकायत पर भी न्यायाधीश और उनके परिवार के सदस्यों के खिलाफ अपराध दर्ज कर लिया है। पुलिस अब दोनों पक्षों के आरोपों और सामने आए साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच कर रही है।



00 ससुराल आए हुए थे न्यायाधीश-

घटना 31 अक्टूबर की रात करीब 11 बजे राजकिशोर नगर के जूनियर एमआईजी क्षेत्र की है। न्यायाधीश प्रफुल सोनवानी पारिवारिक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए अवकाश लेकर पत्नी आकांक्षा प्रफुल सोनवानी और अन्य परिजनों के साथ ससुराल आए थे। शिकायत के मुताबिक, रात में परिवार के लोग घर में सो रहे थे, तभी तेज आवाज में नगाड़े बजने और पटाखे फोड़ने का सिलसिला शुरू हो गया। करीब 45 मिनट तक शोर होने से घर में मौजूद बच्चे और बुजुर्ग भी जाग गए।




न्यायाधीश ने पुलिस से शिकायत करते हुए बताया कि, शोर का कारण जानने और उसे बंद कराने के लिए वे नीचे पहुंचे। वहां 100 से 200 लोगों की भीड़ जमा थी और अभय बरुआ के घर जन्मदिन का कार्यक्रम चल रहा था। पटाखे फोड़ने और नगाड़े बजाने से मना करने पर प्रॉपर्टी डीलर अभय बरुआ और उसके साथियों ने उन्हें घेर लिया। कुछ लाेग नशे में भी थे। गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी और मारपीट की। इस दौरान न्यायाधीश की शर्ट के सामने के बटन टूट गए। उनकी पत्नी आकांक्षा, साला अभिषेक भारद्वाज, सास नीरा भारद्वाज और साले की पत्नी गुरप्रीत कौर भारद्वाज भी बीच-बचाव करने पहुंचे। न्यायाधीश की शिकायत में पत्नी और साले का चश्मा छीनने तथा दोनों को चोट लगने का भी उल्लेख है। पुलिस ने मामले में मारपीट, गालीगलौज व धमकी का अपराध दर्ज कर लिया है।







00 दूसरे पक्ष ने लाठी से हमले का लगाया आरोप-

दूसरे पक्ष की ओर से विनय वैद्य ने शिकायत में बताया कि वह अपने मित्र रक्तिम सारखेल के साथ अभय बरुआ का जन्मदिन मनाने पहुंचा था। उसके मुताबिक, सभी लोग शांतिपूर्वक केक काटकर जन्मदिन मना रहे थे। इसी दौरान आकांक्षा सोनवानी ने गाली-गलौज करते हुए अपने पति को बुलाया। विनय का आरोप है कि प्रफुल सोनवानी लाठी लेकर पहुंचे और मारपीट करने लगे। इसके बाद अभिषेक भारद्वाज भी कार से मौके पर आया। शिकायत में कार चढ़ाने की धमकी देने और मारपीट में विनय के कंधे, पीठ व अंगूठे में चोट लगने का आरोप लगाया गया है। इस पर पुलिस ने जज और उनके परिवार पर अपराध दर्ज कर लिया है। बताया जा रहा कि, पहले न्यायाधीश की शिकायत पर एफआईआर दर्ज की गई थी। बाद में दूसरे पक्ष ने आवेदन के साथ सीसीटीवी फुटेज सौंपा। सामने आए तथ्यों और दूसरे पक्ष की शिकायत के आधार पर पुलिस ने न्यायाधीश व उनके परिवार के सदस्यों के खिलाफ भी अपराध दर्ज किया है। शुरुआती जानकारी के अनुसार, पहले दोनों पक्षों में बहसबाजी हुई और फिर हाथापाई शुरू हो गई। पुलिस पूरे घटनाक्रम, फुटेज और अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है।




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