रायपुर। राजधानी रायपुर के तहसील कार्यालय में नकल की कॉपी नहीं मिलने पर वकीलों द्वारा हंगामा किए जाने का मामला सामने आया है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पूरे मामले ने तूल पकड़ लिया है। बताया जा रहा है कि यह घटना कल की है।
जानकारी के अनुसार, कुछ वकील हाईकोर्ट में अपील दायर करने के लिए तहसील कोर्ट से दस्तावेजों की नकल कॉपी मांग रहे थे। आरोप है कि समय पर नकल कॉपी उपलब्ध नहीं कराई गई, जिससे नाराज वकीलों ने तहसील कार्यालय में हंगामा शुरू कर दिया।
इस दौरान तहसील कार्यालय के कर्मचारियों के साथ कथित तौर पर बदसलूकी की गई। कर्मचारियों ने आरोप लगाया है कि वकीलों ने अवैध वसूली का आरोप लगाते हुए अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया और तहसीलदार को भी गाली दी। इतना ही नहीं, एक कर्मचारी से नाम के साथ उसकी जाति बार-बार पूछे जाने और मारने की धमकी देने की भी बात सामने आई है। हंगामे के दौरान प्रदेश के राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा पर भी रिश्वत लेने का आरोप लगाए जाने की चर्चा है।

वकील का आरोप – पैसा मांगने पर शुरू हुआ विवाद
वरिष्ठ अधिवक्ता कृष्ण कुमार त्रिपाठी ने बताया कि यह मामला बुधवार काे तहसीलदार ख्याति नेताम की कोर्ट का है। ख्याति नेताम वहां उपस्थित नहीं थी, किसी दूसरे की नेम प्लेग वहां लगा था। वहां कोई उमेश साहू करके व्यक्ति था। कल मेरी एसोसिकेट (जूनियर) वकील तहसील कार्यालय ऑर्डर की कॉपी लेने के लिए गई थी तो वहां के कर्मचारी ने कहा कि बिना खर्चे के काम नहीं होगा। इस पर विवाद खड़ा हुआ। मैंने सीधे रूप से कहा कि मैं पैसा नहीं दूंगा।
मैं बिना पैसे के काम करने वाला व्यक्ति हूं। यहां दलाली का धंधा होता है। यहां वसूली का स्टाल लगाकर रखे हैं। एक तरफ सरकार बड़ी-बड़ी बातें करती है, दूसरी तरफ यहां लोगों को परेशानी हो रही है। ऑनलाइन ऑफलाइन के चक्कर में लोगों को उलझा कर रखा गया है, यह बहुत दुखद है।मामले की जांच की जाएगी : एसडीएम इस मामले में SDM नंद कुमार चौबे ने कहा कि वकीलों को अगर ऐसी कोई शिकायत थी तो मेरे संज्ञान में लाना था। संबंधित तहसीलदार से शिकायत करनी थी। SDM ने इस पूरे मामले की जांच कराने की बात कही है।



