पीसीसी चीफ दीपक बैज का सरकार पर निशाना, बोले—राजनीतिक मकसद से बुलाया गया सत्र

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के प्रस्तावित विशेष सत्र को लेकर सियासत गरमा गई है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) के अध्यक्ष दीपक बैज ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा है कि 30 अप्रैल को बुलाया गया विशेष सत्र राजनीतिक उद्देश्य से प्रेरित है और इसका मकसद कांग्रेस के खिलाफ निंदा प्रस्ताव लाना है।


दीपक बैज ने कहा कि राज्यपाल की अधिसूचना में “महत्वपूर्ण कार्य” का उल्लेख किया गया है, लेकिन महिला आरक्षण बिल 2023 पहले ही संसद से पारित होकर कानून बन चुका है। ऐसे में विधानसभा में इस पर चर्चा का क्या औचित्य है? उन्होंने सवाल उठाया कि क्या यह लोकसभा का अपमान नहीं है?



उन्होंने आगे कहा कि अगर सरकार को सत्र बुलाना ही है, तो ढाई साल के अपने कार्यों पर चर्चा करे और “मोदी की गारंटी” पर बहस कराए। बैज ने आरोप लगाया कि जनता की गाढ़ी कमाई को बर्बाद करने के लिए यह विशेष सत्र आयोजित किया जा रहा है।


पुलिस कमिश्नरी प्रणाली पर भी उठाए सवाल

पुलिस कमिश्नरी प्रणाली को लेकर भी PCC चीफ ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि जहां-जहां यह व्यवस्था लागू हुई है, वहां यह असफल साबित हुई है। राजधानी में कानून-व्यवस्था सुधारने के बजाय सिर्फ वसूली हो रही है। जेब्रा क्रॉसिंग और स्टॉप लाइन जैसे मामलों में बेवजह चालान काटे जा रहे हैं, जबकि लूट, हत्या और चोरी जैसी गंभीर घटनाओं पर नियंत्रण नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस “वसूली मास्टर” बन गई है।


भारतमाला प्रोजेक्ट और वेदांता हादसे पर भी घेरा

भारतमाला प्रोजेक्ट में हुई कार्रवाई पर बैज ने कहा, “देर आए दुरुस्त आए”, लेकिन इसमें बड़े नेताओं की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि फिलहाल केवल छोटे मोहरों पर कार्रवाई हो रही है, जबकि बड़े जिम्मेदारों को बचाया जा रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या ईडी (ED) बड़े आरोपियों पर भी कार्रवाई करेगी?

वहीं वेदांता हादसे को लेकर उन्होंने कहा कि एफआईआर दर्ज करने में देरी क्यों हुई? यह दबाव के बाद दर्ज की गई। उन्होंने दावा किया कि आज भी यह एफआईआर ऑनलाइन उपलब्ध नहीं है और अब तक जिम्मेदारों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने इसे “लीपापोती” करार दिया।


बीजेपी की टिफिन बैठक पर तंज

बीजेपी द्वारा कार्यकर्ताओं के साथ टिफिन बैठक आयोजित करने को लेकर भी बैज ने तंज कसा। उन्होंने कहा कि भाजपा नेताओं को पहले अपने कामों का हिसाब जनता को देना चाहिए। महतारी वंदन योजना, खाद की स्थिति और कानून-व्यवस्था जैसे मुद्दों पर जनता की राय लेनी चाहिए। उन्होंने कहा कि टिफिन लेकर पिकनिक मनाना जनता से संवाद नहीं है।






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