रायपुर। केंद्र सरकार ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी की परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए हाई पावर्ड टास्क फोर्स का गठन किया है। इसके लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने केंद्र सरकार का आभार जताया है।
केंद्र सरकार ने की युवाओं की चिंता- CM साय
CM साय ने कहा कि केंद्र सरकार का बहुत धन्यवाद करते हैं। केंद्र सरकार ने युवाओं की चिंता की है। पेपर लीक के लिए कठोर कानून बना रहे हैं, जिसके बाद इस तरह की पुनरावृत्ति दोबारा नहीं होगी।

PM मोदी ने की घोषणा
बता दें कि PM मोदी ने 26 जुलाई को घोषणा की कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की परीक्षा प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और भरोसेमंद बनाने के लिए एक हाई-पावर्ड टास्क फोर्स का गठन किया गया है। इस मल्टीडिसिप्लिनरी टास्क फोर्स की अध्यक्षता देश के जाने-माने टेक्नोलॉजी एक्सपर्ट नंदन नीलेकणि करेंगे।
टास्क फोर्स में तकनीक, शिक्षा, सुरक्षा, अंतरिक्ष और लॉजिस्टिक्स जैसे विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों को शामिल किया गया है। इस उच्च स्तरीय समूह में ISRO के पूर्व चेयरमैन एस. सोमनाथ, इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) के पूर्व निदेशक तपन डेका, IIT मद्रास के निदेशक वी. कामकोटी, पूर्व शिक्षा सचिव अनीता करवाल और लॉजिस्टिक्स विशेषज्ञ अमृत लाल मीणा सदस्य के तौर पर शामिल हैं।
शिक्षणऔर कक्षा संसाधन
यह टास्क फोर्स विशेष रूप से परीक्षा प्रणाली को तकनीकी रूप से मजबूत बनाने और संरचनात्मक सुधारों के लिए सुझाव देगी। इसका उद्देश्य परीक्षा प्रक्रिया में सुरक्षा बढ़ाने के साथ-साथ पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोकना और छात्रों के बीच परीक्षाओं की विश्वसनीयता कायम करना है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि टास्क फोर्स की रिपोर्ट के आधार पर आने वाली परीक्षाओं की क्रेडिबिलिटी, पारदर्शिता और विश्वसनीयता सुनिश्चित करने के लिए जल्द से जल्द आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।



