बिलासपुर: यादों, मुस्कान और लोकतांत्रिक विरासत के बीच मना प्रेस क्लब का 41वां स्थापना दिवस.

• केक काटकर साझा कीं खुशियां, पूर्व अध्यक्षों ने सुनाए संघर्ष और बदलाव के किस्से.


• नवीन फोटोकॉपी मशीन व मिनी फ्रिज का विधिवत पूजन.


बिलासपुर. पत्रकारिता की गौरवशाली परंपराओं, पुराने दिनों की यादों और साथियों के बीच खुशियों के आदान-प्रदान के साथ बिलासपुर प्रेस क्लब का 41वां स्थापना दिवस गुरुवार, 15 अक्टूबर को राघवेंद्र राव सभा भवन स्थित प्रेस क्लब भवन में उत्साहपूर्वक मनाया गया। केक कटिंग सेरेमनी के बीच वरिष्ठ और युवा पत्रकारों ने एक-दूसरे को बधाइयां दीं। वहीं, पूर्व अध्यक्षों ने संस्था के शुरुआती दौर, संघर्षों, संस्थापक सदस्यों के योगदान और प्रेस क्लब में लोकतांत्रिक व्यवस्था स्थापित करने के सफर को साझा कर आयोजन को यादगार बना दिया।


स्थापना दिवस समारोह की खास बातें.


केक काटकर मनाया स्थापना दिवस, साथियों ने साझा कीं खुशियां..


प्रेस क्लब अध्यक्ष अजीत मिश्रा, उपाध्यक्ष विजय कांति तिवारी, पूर्व अध्यक्ष तिलक राज सलूजा और पूर्व अध्यक्ष वीरेंद्र गहवई की मौजूदगी में केक काटकर स्थापना दिवस का उत्सव मनाया गया। इस दौरान पत्रकारों के बीच आत्मीयता, आपसी संवाद और संगठन के प्रति जुड़ाव का माहौल नजर आया।


नवीन फोटोकॉपी मशीन और मिनी फ्रिज का विधिवत पूजन.


समारोह के दौरान प्रेस क्लब के लिए नवीन फोटोकॉपी मशीन और मिनी फ्रिज की शुरुआत से पहले पंडित शिवकुमार तिवारी ने विधिवत पूजा-अर्चना की। इसके बाद उपस्थित पदाधिकारियों और पत्रकारों ने संस्था की प्रगति और बेहतर सुविधाओं की दिशा में हुए इस प्रयास के बीच स्थापना दिवस की खुशियां साझा कीं।



पूर्व अध्यक्षों ने ताजा कीं पुराने दौर की यादें.


पूर्व अध्यक्ष तिलक राज सलूजा, वर्तमान अध्यक्ष अजीत मिश्रा और पूर्व अध्यक्ष वीरेंद्र गहवई ने पत्रकार साथियों को संबोधित किया। वक्ताओं ने प्रेस क्लब की स्थापना, शुरुआती चुनौतियों, संगठन के विकास और पत्रकारों को एक साझा मंच पर लाने के प्रयासों का उल्लेख किया। पुराने संस्मरणों ने समारोह को केवल उत्सव तक सीमित नहीं रखा, बल्कि नई पीढ़ी को संस्था की विरासत से जुड़ने का अवसर भी दिया।


वर्किंग जर्नलिस्ट एसोसिएशन से शुरू हुई थी संगठन की कहानी.


वरिष्ठ पत्रकारों के संस्मरणों के अनुसार, 1980 के दशक में बिलासपुर के कुछ पत्रकारों ने वर्किंग जर्नलिस्ट एसोसिएशन के माध्यम से एकजुट होने की पहल की थी। उस समय करीब 24 से 25 पत्रकार इस प्रयास से जुड़े थे। सीमित संसाधनों और भवन के अभाव के कारण यह पहल लंबे समय तक सक्रिय नहीं रह सकी, लेकिन इसने पत्रकारों को साझा मंच पर लाने की आवश्यकता को मजबूती से सामने रखा।


उस दौर में 'बिलासपुर टाइम्स' के संपादक स्वर्गीय गंगा ठाकुर जैसे वरिष्ठ पत्रकारों का मार्गदर्शन महत्वपूर्ण रहा। इसी संगठनात्मक चेतना ने आगे चलकर बिलासपुर प्रेस क्लब के गठन की जमीन तैयार की।


प्रथम अध्यक्ष स्व. डीपी चौबे के योगदान का स्मरण.


प्रेस क्लब के प्रथम अध्यक्ष स्वर्गीय डीपी चौबे के योगदान को भी सम्मानपूर्वक याद किया गया। वरिष्ठ पत्रकारों के संस्मरणों के मुताबिक, वे गंभीरता, संयम और विवेकपूर्ण कार्यशैली के लिए पहचाने जाते थे। उन्होंने संवाद और आपसी समन्वय के माध्यम से संगठन को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।


उनकी सोच थी कि प्रेस क्लब महज बैठकों और औपचारिक गतिविधियों का केंद्र न रहकर पत्रकारों के साझा हितों, एकजुटता और सामूहिक चेतना का मंच बने। स्थापना दिवस पर उनके योगदान के साथ संस्था की शुरुआती परंपराओं को भी याद किया गया।


चुनाव की मांग ने बदली प्रेस क्लब की कार्यप्रणाली.


बिलासपुर प्रेस क्लब के इतिहास में लोकतांत्रिक व्यवस्था की स्थापना एक महत्वपूर्ण पड़ाव रही है। शुरुआती दौर में अध्यक्ष का चयन सर्वसम्मति से और अन्य पदाधिकारियों का मनोनयन किया जाता था। समय के साथ छह वरिष्ठ पत्रकारों ने इस व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए संगठन में भी लोकतांत्रिक तरीके से चुनाव कराने की मांग उठाई।


इस मांग को लेकर संगठन के भीतर मतभेद और विरोध की स्थिति भी बनी। कुछ पत्रकारों को निलंबन जैसी कार्रवाई का सामना करना पड़ा। इसके बावजूद चुनाव की मांग ने बदलाव का रास्ता खोला। आगे चलकर अध्यक्ष का चयन मतदान से होने लगा और फिर पूरी कार्यकारिणी के चुनाव की परंपरा स्थापित हुई। यह बदलाव प्रेस क्लब के इतिहास में सदस्यों की भागीदारी और लोकतांत्रिक मूल्यों से जुड़ा अहम अध्याय माना जाता है।


41 साल की विरासत, एकजुटता का संदेश.


स्थापना दिवस समारोह ने यह संदेश दिया कि किसी भी पत्रकार संगठन की असली ताकत केवल उसके भवन या संसाधनों में नहीं, बल्कि सदस्यों की एकजुटता, आपसी विश्वास और लोकतांत्रिक परंपराओं में निहित होती है। वरिष्ठ पत्रकारों के अनुभवों और युवा पत्रकारों की मौजूदगी ने आयोजन को पीढ़ियों के बीच संवाद का अवसर बनाया।


केक कटिंग, पूजा-अर्चना, शुभकामनाओं और पुरानी यादों के बीच पत्रकारों ने प्रेस क्लब की गौरवशाली परंपराओं को आगे बढ़ाने की भावना व्यक्त की।


ये पत्रकार रहे मौजूद.


समारोह में प्रेस क्लब अध्यक्ष अजीत मिश्रा, उपाध्यक्ष विजय क्रांति तिवारी, सहसचिव हरिकिशन गंगवानी, कार्यकारिणी सदस्य कैलाश यादव, पूर्व अध्यक्ष तिलक राज सलूजा, पूर्व अध्यक्ष वीरेंद्र गहवई, वरिष्ठ पत्रकार मोहम्मद इसराइल, रवि शुक्ला, जितेंद्र रात्रे, सैयद जफर आगा, तीरथ लहरे, अनिरुद्ध राजपूत सहित बड़ी संख्या में पत्रकार साथी उपस्थित रहे।


41वें स्थापना दिवस पर पुराने संघर्षों की यादें, वर्तमान की खुशियां और भविष्य के प्रति उम्मीदें एक साथ नजर आईं। समारोह ने बिलासपुर प्रेस क्लब की उस पहचान को फिर रेखांकित किया, जिसकी नींव पत्रकारों की एकजुटता और लोकतांत्रिक सोच पर रखी गई थी।


You May Also Like

error: Content is protected !!