सूरजपुर. छत्तीसगढ़ के सूरजपुर में बीते दिनों हुए सड़क हादसे में स्कूटी सवार महिला की मौत हो गई थी. घटना के बाद आक्रोशित ग्रमीणों ने क्रशर और ट्रैक्टर में आगजनी कर दी. मामले में ग्रामीणों के खिलाफ हुई कार्रवाई को लेकर मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने पुलिस-प्रशासन को जमकर फटकार लगाई है. उन्होंने एक पक्षीय कार्रवाई को गलत बताया.
शाम तक क्या कर रहा पुलिस-प्रशासन? भड़की मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े
सड़क हादसे में जान गंवाने वाली महिला चंद्रावती जायसवाल के घर पहुंचकर मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने उनके परिजनों से मुलाकात की और उन्हें ढांढस बंधाया. घटना के बाद चक्काजाम और आगजनी मामले में ग्रामीणों पर हुई कार्रवाई को लेकर मंत्री राजवाड़े ने पुलिस-प्रशासन को जमकर फटकार भी लगाई. उन्होंने सवाल उठाया कि जब घटना दोपहर 12 बजे हुई और आगजनी शाम 6 बजे हुई, तब तक पुलिस-प्रशासन क्या कर रहा था? मंत्री ने कहा कि तीन दिन में छह ग्रामीणों को जेल भेज दिया गया, लेकिन अब तक यह पता नहीं लगाया जा सका कि संबंधित क्रशर वैध है या नहीं.

मंत्री राजवाड़े ने हादसे के जिम्मेदार ट्रैक्टर चालक पर कार्रवाई नहीं होने पर नाराजगी जताई. पुलिस की कार्रवाई को एकतरफा बताते हुए उन्होंने ग्रामीणों पर जबरन फर्जी केस बनाकर फंसाने का आरोप लगाया. उन्होंने सवाल किया कि भाजपा कार्यकर्ताओं को ही निशाना क्यों बनाया जा रहा है? घटना के दौरान कांग्रेस के एक नेता के हाथ में लाठी लेकर दौड़ाने की बात सामने आई, फिर उसके खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की गई?
पुलिसकर्मी ने मंत्री को बताया कि उपद्रव के बाद कुछ आरोपियों को जेल भेजने से मामला शांत हुआ. इस पर मंत्री ने कहा कि अगर वह यहां लोगों को छोड़ दें, तो वह आपको अभी कूट देंगे. मंत्री ने पुलिस को सख्त निर्देश दिए कि बिना ठोस सबूत किसी ग्रामीण को जेल न भेजा जाए और हिरासत में लिए गए लोगों के साथ किसी भी तरह की मारपीट नहीं होनी चाहिए.
अब जानिए पूरा मामला ?
चांदनी बिहारपुर क्षेत्र के ग्राम पंचायत कुबेरपुर में शनिवार, 17 अक्टूबर को स्कूटी सवार महिला को गिट्टी लोड ट्रैक्टर ने जोरदार टक्कर मार दी. हादसा इतना भीषण था कि महिला चंद्रावती जायसवाल की मौके पर ही मौत हो गई. इसके बाद चालक मौके से वाहन समेत फरार हो गया. कुछ देर में ग्रामीणों की भीड़ घटनास्थल पर जुट गई.
Surajpur Accident : मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ मार्ग पर चक्काजाम
गुस्साए ग्रामीणों ने बस्ती से क्रशर को हटाने और मृतका के परिवार को उचित मुआवजा देने की मांग को लेकर मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ को जोड़ने वाले मुख्य मार्ग पर चक्काजाम कर दिया. प्रदर्शन करीब चार घंटे से जारी रहा. ग्रामीणों ने बाद में ट्रैक्टर और पाठक क्रशर में आग लगा दी.
जानकारी पर मौके में पहुंची पुलिस और प्रशासन टीम ने स्थिति नियंंत्रित करने का प्रयास किया. लेकिन आक्रोशित ग्रामीणों ने बिहारपुर तहसीलदार करमचंद जाटवर, एसडीओपी और थाना प्रभारी लक्ष्मी प्रसाद गुप्ता को बंधक बना लिया. काफी समझाइश के बाद स्थिति काबू में आई, जिसके बाद प्रदर्शन को खत्म कराया गया.