एसएसपी के कड़े तेवर.
• थानेदारों की कुर्सी पर एसएसपी की नजर, काम नहीं तो लाइन हाजिर.
• प्रहार पुलिसिंग में ढिलाई नहीं चलेगी, कई टीआई रडार पर.
• काम में ढिलाई, इलाके में कमजोर पकड़ और शिकायतों का हिसाब तैयार—एसएसपी की नजर में कई टीआई.
• बार-बार मिला मौका, फिर भी नहीं सुधरे तो थाने से सीधे पुलिस लाइन की रवानगी.
बिलासपुर. अपराधियों पर प्रहार करने वाली बिलासपुर पुलिस में अब बारी उन थानेदारों की है, जिनकी पुलिसिंग एसएसपी रजनेश सिंह की कसौटी पर खरी नहीं उतर रही। जिले में पुलिसिंग को लेकर सख्त रुख अपना चुके एसएसपी ने अब कुछ टीआई की कार्यशैली पर सीधी नजर रखनी शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि कई बार समझाइश और सुधार का मौका मिलने के बाद भी जिनकी कार्यशैली में बदलाव नहीं आया, उनके खिलाफ जल्द ही प्रशासनिक कार्रवाई की तैयारी हो सकती है।
सुबह की क्लास में खुल रहा थानों का रिपोर्ट कार्ड.
एसएसपी की रोजाना सुबह की समीक्षा मीटिंग में अब थानेदारों के लिए महज औपचारिक मीटिंग नहीं रह गई है। थाना क्षेत्र की गतिविधियों से लेकर अपराध नियंत्रण, लंबित मामलों, नियमित पुलिसिंग और अपराधियों पर कार्रवाई तक का हिसाब लिया जा रहा है। समीक्षा के दौरान यह भी देखा जा रहा है कि कौन सा थाना सक्रिय है और कहां पुलिसिंग की रफ्तार सुस्त है।
सूत्रों के मुताबिक, जिन थाना प्रभारियों के इलाके में पुलिस की सक्रियता कमजोर नजर आ रही है, उन्हें समीक्षा बैठकों में एसएसपी की नाराजगी का सामना करना पड़ रहा है। संदेश साफ है—थाना प्रभारी की कुर्सी सिर्फ बैठने के लिए नहीं, बल्कि इलाके में पुलिस का प्रभाव कायम करने के लिए है।
कई थाना प्रभारी रडार पर.
एसएसपी रजनेश सिंह के कड़े तेवर के को लेकर ये समझ आ रहा है कि अब ज्यादा किसी थानेदार की पैरवी नहीं चलेंगी, लगातार त्यौहारी सीजन है ढिलाई बिल्कुल एसएसपी बर्दाश्त नहीं करने वाले,जो टीआई एसएसपी के रडार पर है उसका रास्ता वीआईपी थाना इलाके से होकर गुजरता है। इस थाना क्षेत्र के दोनों ओर ब्रिज के उस पार के टीआई की कार्यप्रणाली से एसएसपी नाराज बताए जा रहे हैं। इससे पहले एसएसपी ने मस्तूरी थाने का जुम्मा जुम्मा चार्ज लिए (वन टाइम) टीआई सलीम खाखा के साथ एक एएसआई की शिकायत मिलते ही हटा दिया वही शहर में कुछ एक टीआई के काम काज पर एसएसपी की विशेष नजर है। इनमें ऐसे टीआई भी है जो बार बार अपनी गलतियों पर पर्दा डाल पैरवी करवाते है जो अब नहीं चलने वाला, हाल ही में एसएसपी ने तारबहार थाने का चार्ज टीआई रवि शंकर तिवारी को दिया है तो इस थाने में चेंजिंग का फिलहाल कोई सवाल ही नहीं उठाता इधर तारबहार थाने के पड़ोसी थाने एसएसपी के रडार पर है न जाने कब क्या एक्शन एसएसपी सिंह दिखा दे,वैसे भी जिले में एसएसपी के पास थाना संभालने कई टीआई पुलिस लाइन में रिजर्व में है।
अभयदान भी अब आखिरी मौका.
पुलिस महकमे में चर्चा है कि कुछ टीआई को उनकी पिछली गलतियों के बावजूद सुधार का मौका दिया गया था। लंबे समय से एक ही थाना संभाल रहे अधिकारियों की कार्यशैली भी अब निगरानी के दायरे में है। इसके बावजूद यदि पुरानी कार्यशैली जारी रही तो इस बार “एक और मौका” मिलने की संभावना कम बताई जा रही है।
शिकायत पहुंची तो एसएसपी की निगाह सीधे एक्टिविटी पर कुछ थाना प्रभारियों को लेकर शिकायतें एसएसपी तक पहुंचने की भी बात सामने आ रही है। इसके बाद संबंधित थानों की गतिविधियों और अधिकारियों के कामकाज पर निगरानी बढ़ाए जाने की चर्चा है। पुलिस विभाग में शिकायतों को सामान्य प्रक्रिया माना जाता है, लेकिन ऐसी शिकायतें जिनसे पुलिस की छवि प्रभावित हो या पुलिसिंग पर सवाल खड़े हों, उन्हें लेकर एसएसपी का रुख सख्त बताया जा रहा है।
लाइन की रवानगी के संकेत?
सूत्रों के मुताबिक, आने वाले दिनों में जिले के कुछ थानों में फेरबदल देखने को मिल सकता है। कमजोर पुलिसिंग, लगातार शिकायतें और वरिष्ठ अधिकारियों की अपेक्षाओं पर खरा नहीं उतरने वाले थाना प्रभारियों को लेकर फैसला लिया जा सकता है।
कुल मिलाकर प्रहार पुलिसिंग में अब निगाह सिर्फ अपराधियों पर नहीं, बल्कि थानेदारों के काम पर भी है। जिनके पास प्रदर्शन दिखाने का मौका था, उनके लिए अब रिपोर्ट कार्ड का समय है। कुर्सी बचेगी या पुलिस लाइन की रवानगी होगी—यह आने वाले दिनों की कार्रवाई तय करेगी।
