बंगाल की खाड़ी में संभावित चक्रवातीय तूफान के खतरे को देखते हुए केंद्रपड़ा जिला प्रशासन ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से शनिवार को जिलाधिकारी रघुराम आर. अय्यर की अध्यक्षता में एक वर्चुअल समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

बैठक में जिला आपातकालीन सेवाओं, राहत एवं बचाव कार्यों तथा विभिन्न विभागों के आपसी समन्वय की गहन समीक्षा की गई। इसके बाद स्थानीय सम्मेलन कक्ष में मीडिया को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी ने जिले की तैयारियों की जानकारी दी।
जिले के 130 समर्पित चक्रवात आश्रय स्थलों और आवश्यक स्कूल भवनों को सभी बुनियादी सुविधाओं के साथ तैयार रखने का आदेश दिया गया है। गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों और अन्य संवेदनशील लोगों को समय रहते सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने तथा सूखे भोजन, पॉलिथीन शीट्स एवं राहत सामग्री का भंडारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं तथा उन्हें अपने कार्यस्थल पर उपस्थित रहने को कहा गया है। ओड्राफ कार्यों को गति देने के लिए 26 अक्टूबर से जिले में ओड्राफ की एक विशेष टीम तैनात की जाएगी। जिला स्तरीय आपातकालीन नियंत्रण कक्ष को रोस्टर के अनुसार चौबीसों घंटे पूरी तरह से सक्रिय रखने के निर्देश जारी किए गए हैं।
जिले में गजलक्ष्मी पूजा और अन्य त्योहारों के बीच संभावित तेज हवाओं के खतरे को देखते हुए जिलाधिकारी ने पूजा समितियों से अस्थायी ढांचों, सजावटी तोरण द्वारों और असुरक्षित सजावटों को तुरंत हटाने की अपील की है। सार्वजनिक सुरक्षा के लिए यह एहतियाती कदम आवश्यक है। जिला प्रशासन ने तटबंधों, जल निकासी प्रणालियों और संवेदनशील क्षेत्रों पर लगातार नजर रखने के साथ-साथ पेयजल, बिजली, स्वास्थ्य सेवाओं और आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति निर्बाध बनाए रखने के निर्देश जारी किए हैं। प्रशासन ने नागरिकों से आधिकारिक मौसम अपडेट पर भरोसा करने और अफवाहों से दूर रहने का आग्रह किया है।