DRDO Successfully Completed Quantum Technology: डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑर्गेनाइजेशन यानी डीआरडीओ ने क्वांटम तकनीक में बड़ी सफलता हासिल की है। डीआरडीओ ने क्वांटम तकनीक का सफलता पूर्वक परीक्षण कर लिया है। इस तकनीक भारतीय सेना का कम्यूनिकेशन नेटवर्क पूरी तरह सुरक्षित हो जाएगा। भारतीय सेना (Indian Army) के संचार नेटवर्क को कोई हैक नहीं कर पाएगा।
यह सिस्टम पूरी तरह स्वदेशी तकनीक से बना है, जो क्वांटम युग में आने वाले नए साइबर हमलों से देश के संचार की अच्छी तरह रक्षा कर सकता है। यह तकनीक फाइबर केबल्स के जरिए संदेश भेजने का बहुत आधुनिक और सुरक्षित तरीका है।

Future proofing India’s strategic communication networks with quantum technology, DRDO has successfully completed military field trails of a scalable and practically secure, fiber based Quantum Key Distribution (QKD) system.
Leveraging their lab level proof of concept and… pic.twitter.com/QaTaYNRax9
इतिहास
— DRDO (@DRDO_India) July 14, 2026
फाइबर केबल से सुरक्षित संदेश भेजने वाली स्वदेशी क्वांटम तकनीक का फील्ड ट्रायल सुरक्षा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर भारत की बहुत बड़ी उपलब्धि है। DRDO की टीम ने अपनी लैब में की गई टेस्टिंग और पिछले अनुभव का फायदा उठाते हुए बेंगलुरु की कंपनी Taqbit Labs के साथ मिलकर यह उन्नत सिस्टम तैयार किया है। इसका मकसद देश के अहम नेटवर्क को मजबूत सुरक्षा प्रदान करना है।
हैकिंग से पूरी तरह सेफ रहेगा सेना का संचार नेटवर्क
इस स्वदेशी क्वांटम तकनीक से भारतीय सेना का संचार नेटवर्क अब हैकिंग से पूरी तरह सेफ रहेगा। इस तकनीक से सेना के मैसेज और गुप्त जानकारियों को हैक करना या चुराना मुश्किल हो जाएगा। दुश्मन देश या कोई भी हैकर देश के सैन्य नेटवर्क में सेंध नहीं लगा पाएगा।



